मलेरिया क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें?

मलेरिया क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें?

मलेरिया विश्व में फैली हुई ऐसी बिमारी है जिससे हर साल लाखों लोग मरते हैं। ये बिमारी मादा मच्छर के काटने से होती है। आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि मलेरिया कैसा होता है, कैसे प्रकार का होता है और इसके क्या-क्या लक्षण हैं आदि। मलेरिया आप क्या जानते हैं कि मलेरिया क्या होता है, कैसे होता है, होने से पहले क्या लक्षण होते हैं, यह कितने प्रकार का होता है इत्यादि। आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं।मलेरिया शब्द इटालियन भाषा का शब्द “माला क्षेत्र” से बना है जिसका मतलब है ‘बुरी हवा’। यह ऐसी बिमारी है जो परजीवी प्लास्मोडियम के कारण होता है।आपको पता है कि मलेरिया का सबसे पुराना वर्णन चीन (2700 ईसा पूर्व) से मिलता है। मलेरिया को दलदली फू (मार्श बुखार) भी कहा जाता है।सन 1880 में मलेरिया का सबसे पहला अध्ययन चार्ल्स लुई अल्फोंस लैवेरिन वैज्ञानिक द्वारा किया गया था। मलेरिया क्या है यहा पर आप को पूरी जानकारी दी जाएगी |

मलेरिया क्या है

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार प्रत्येक वर्ष विश्व में लगभग 30 करोड़ लोग मलेरिया के शिकार होते हैं और लगभग 20 लाखमलेरिया का मच्छर लोग इससे मर जाते हैं। मलेरिया है क्या, शुरू कहां से होता है और इसके आक्रमण के दायरे कहां तक ​​हैं-इन विषयों पर यहां जानकारी को प्रस्तुत किया गया है। मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से प्लाज्मोडियम फेल्सीपेरम, वाईवेक्स, ओवेल इत्यादि परजीवी द्वारा मानव शरीर में मलेरिया का आक्रमण होता है। नर एनाफिलीज मानव रक्त का भूखा नहीं, वह पौधों से अपना भोजन ले लेता है। साधारणत: मलेरिया एक मौसमी बीमारी मानी जाती है। किंतु अब तो वह साल भर आता-जाता दिखाई दे रहा है, यानी मादा एनाफिलीज का हमला साल भर हो रहा है।

बीमारी की पहचान कैसे करे और इसके लक्षण क्या है:-

  • तेज बुखार
  • कंपकंपी
  • पसीना आना
  • सिरदर्द
  • शरीर में दर्द
  • जी मचलना और उल्टी होना।
  • कभी-कभी इसका लक्षण हर 48 से 72 घंटे में दोबारा दिखायी देते हैं।

बीमारी से बचाव के उपाय:-

  • मच्छर-दानी लगाकर सोएं और ध्यान रखें कि आसपास सफाई हो।
  • आमतौर पर मलेरिया का मच्छर शाम को ही काटता है।
  • घर के अंदर मच्छर मारनेवाली दवा छिड़कें। मोस्कीटो रिपेलेेंट मशीनों का इस्तेमाल करें।
  • घर के दरवाज़ों और खिड़कियों पर जाली लगाएं और ऐसी. और पंखों का इस्तेमाल करें, ताकि मच्छर एक जगह पर न बैठें।
  • घर में, शाम के समय नीम या करंज का खल्ली या पत्तों का धुआं करें।
  • नीम तले को किरासन तेल में मिलकर ढिबरी (दीया) में जलाने से मच्छर भागते हैं।
  • ऐसे कपड़े पहनिए जिससे पूरी तरह आपका शरीर ढ़के और उसका रंग हलका होना चाहिए।
  • ऐसी जगह ना जाए, जहां  झाड़ियां हों क्योंकि वहां मच्छर हो सकते हैं, या जहां पानी इकट्ठा हो क्योंकि वहां मच्छर पनपने का खतरा होता है।

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