डेंगू क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें?

डेंगू क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें?

डेंगू क्या है ,डेंगू (डेंगू) एडिज मच्छर के काटने से होता है, इस बात से हर कोई वाकिफ है। इस मच्छर के काटने के 5 से 6 दिन बाद डेंगू के लक्षण (डेंगू लक्षण) दिखाई देने लग जाते हैं। डेंगू के सबसे खतरनाक लक्षणों में हड्डियों का दर्द शामिल है। इसी कारण से डेंगू बुखार को ‘हड्डीतोड़ बुखार’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इससे पीड़ितों को इतना अधिक दर्द होता है कि जैसे उनकी लाशें टूट गई हों। डेंगू खासतौर पर बारिश के मौसम में होता है। क्योंकि इसी दौरान एडिज मच्छरों (एडीस मच्छर) को पनपने के लिए भरपूर पानी मिलता है। हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी ट्विटर पर डेंगू (डेंगू) का जिक्र किया और अपनी पोस्ट में डेंगू के लक्षणों (डेंगू के लक्षण) के बारे में बताया। एक प्रकार से संक्रमण होने के बाद कुछ महिनों तक डेंगू से सुरक्षा होती है लेकिन उसके बाद उसी या अनकय प्रकार के डेंगू वायरस से पुन: संक्रमण होने से गंभीर डेंगू होने का डर रहता है।

डेंगू क्या है

मच्छर के काटने से ४-५ दिन बाद फू शुरू होता है। शुरुआत में यह अन्य सामान्य बुखार जैसा होता है। फिट लगातार और अधिक रहता है। साथ में कोई दो और लक्षण मितली और उल्टी, चिटी, मोटर और जोडों में दर्द, शरीर में गिल्टियॉं होना या श्वेत रक्त कण कम होना। गंभीर डेंगू होने के पहले खतरे के निशान होते हैं- पेट में दर्द, लगातार उल्टियां, जिगर फुलना, नाक मुंह या आंत से खून जाना, सुस्ती लगना, खून जॉंच में विशेष परिवर्तन दिखना। गंभीर डेंगू के स्थिती में तुरंत सही इलाज न करा हो (खून चढाना, ब्लड प्रेशर बनाए रखना इत्यादि) तब मौत हो सकती है, यह मुश्किल होता है कि करने के लिए साधारण डेंगू होगा और गंभीर डेंगू (जिसे पहले डेंगू हेमोराजिक फीवर और डेंगू शॉक सिंद्रोम ने कहा था) होगा। लेकिन १४ साल से कम उम्र में गंभीर डेंगू होने की संभावना अधिक होती है। डेंगू वाइरस से चार प्रकार होते हैं। एक प्रकार से संक्रमण होने के बाद कुछ महिनों तक डेंगू से सुरक्षा होती है लेकिन उसके बाद उसी या अनकय प्रकार के डेंगू वायरस से पुन: संक्रमण होने से गंभीर डेंगू होने का डर रहता है।

बीमारी की पहचान कैसे करे और इसके लक्षण क्या है:-

  • ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना
  • सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना
  • आँखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आँखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ जाता है
  • बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होना
  • गले में हल्का-सा दर्द होना
  • शरीर विशेष रूप से चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज होना
  • क्लासिकल साधारण डेंगू फू लगभग 5 से 7 दिन तक रहता है और रोगी ठीक हो जाता है। ज्यादातर मामलों में इसी किस्म का डेंगू बुखार होता है।

बीमारी से बचाव के उपाय:-

  • एडिज मच्छर दिन के समय काटता है। इसलिए दिन में भी मच्छरों की क्रीम लगाकर रखें।
  • मच्छरों के स्थानों पर शरीर को ढक कर रखें।
  • अगर बुखार 102 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा है तो रोगी के शरीर पर पानी की पट्टियाँ रखें।
  • सामान्य रूप से भोजन देना जारी रखें। बुखार की स्थिति में शरीर को और ज्यादा खाने की जरूरत होती है।
  • मरीज को आराम करने दें।
  • घर के अंदर और आस-पास सफाई रखें।
  • अपने पास ठंडा, गमले और टायर आदि पानी ना भरते हैं।ठंडा या पानी वाली जगहों पर ऑसनसन तेल या मच्छर भगाने का पाउडर स्ट्रोककर रखें।
  • पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंक कर रखें।
  • खिड़की और दरवाजों में जाली लगवाए।
  • अपने आस-पास की निकासी बनाएं रखें

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