हृदय रोग क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें?

हृदय रोग क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें?

यह छाती के मध्य में, थोड़ा सी बाईं ओर स्थित होता है |यह एक दिन में लगभग 1 लाख बार धड़कता है और एक मिनट में 60-90 बार |यह हर धड़कन के साथ शरीर में रक्त को पिंड करता है |हृदय को पोषण और ऑक्सीजन, रक्त के ज़रिए हो जाता है जो कोरोनरी आर्टरीज़ द्वारा प्रदान किया जाता है |हृदय दो भागों में विभाजित होता है, दाएं और बायां। हृदय के दाहिने और बाएं, प्रत्येक ओर दो चैम्बर (एट्रिअम और वेंट्रिकल नाम के) होते हैं। कुल मिलाकर हृदय में चार चैम्बर होते हैं | हृदय रोग क्या है यहा पर आप को पूरी जानकारी दी जाएगी |

हृदय रोग क्या है

यह छाती के मध्य में, थोड़ा सी बाईं ओर स्थित होता है |यह एक दिन में लगभग 1 लाख बार धड़कता है और एक मिनट में 60-90 बार |यह हर धड़कन के साथ शरीर में रक्त को पिंड करता है |हृदय को पोषण और ऑक्सीजन, रक्त के ज़रिए हो जाता है जो कोरोनरी आर्टरीज़ द्वारा प्रदान किया जाता है | लोगों को अचानक हार्ट अटैक हो रहा है और इन लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है, इस तरह आप अपने दिल को स्वस्थ कर सकते हैं। रुमेटिक हृदय रोग एक ऐसी अवस्था है, जिसमें हृदय के वाल्व (ढक्कन जैसी संरचना, जो खून को पीछे बहने से रोकती है) एक बीमारी की प्रक्रिया से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। यह प्रक्रिया स्ट्रेप्टोकोकल बैक्टीरिया के कारण गले के संक्रमण से शुरू होती है। यदि इसका इलाज नहीं किया जाये, गले का यह संक्रमण रुमेटिक बुखार में बदल जाता है। बार-बार के रुमेटिक बुखार से ही रुमेटिक हृदय रोग विकसित होता है।रुमेटिक बुखार एक सूजनेवाली बीमारी है, जो शरीर के, खास कर हृदय, जोड़ों, मस्तिष्क या त्वचा को जोड़नेवाले ऊतकों को प्रभावित करती है। जब रुमेटिक बुखार हृदय को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त करता है, तो उस अवस्था को रुमेटिक हृदय रोग कहा जाता है। हर उम्र के लोग गंभीर रुमेटिक बुखार से पीड़ित हो सकते हैं, लेकिन सामान्यतौर पर यह पांच से 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चों में होता है।

बीमारी की पहचान कैसे करे और इसके लक्षण क्या है:-

  • बहुत लौट आना
  • बेचैनी
  • भ्रम
  • चक्कर आना
  • सांस लेने में परेशानी
  • मिटली आना
  • दिल के बीच में तंगाव होना चाहिए

बीमारी से बचाव के उपाय:-

  • शलगम एक ऐसी सब्जी है, जो खाने में काफी स्वादिष्ट लगती है। शलजम की सब्जी पोषक तत्वों से भरपूर होती है। विटामिन ए, सी और के से भरपूर इस हरे पत्तेदार को मसाले के रूप में भी उत्स जाता है।
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल से हृदय रोगों और दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। दवाएं आपके कोलेस्ट्रॉल को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं।
  • बनारसी आंवला का मुरब्बा एक ग्राम रोज खाएँ इससे गम्भीर से गम्भीर नीटफॉल की समस्या ठीक हो जाएगी।
  • अगर आप भी इस बीमारी के चपेट में आने से बचना चाहते हैं तो अपनी डाइट में कुछ सुधार लाएं।
  •  फली की गिनती हरी सब्ज़ियों में की जाती है। आमतौर पर इसे लहसुन के साथ eBay जाता है। सूखी फली को भुनकर भी खा सकते हैं। फावा की फलियों को अन्य फलियों के साथ मिक्स द्वारा भी eBay जा सकता है।
  • ब्लैक कॉफी में मैग्नीज, पोटेशियम, मैग्नीशियम, विटामिन बी 5, विटामिन बी 3, राइबोफ्लेविन (विटामिन बी 2) पाया जाता है।
  • अपने भोजन में करेला, मेथी, सहजन, पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, ब्रौकोली, टमाटर, बंद गोभी और पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए।
  • बढ़ते हुए कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए जंकफूड और अधिक वसा वाला भोजन ना करें। इसके साथ ही अपनी दिनचर्या में सुधार करें। दिन की शुरुआत व्यायाम और हेल्दी नष्टते के साथ होनी चाहिए।
  • मूंगफली पोषक तत्वों से भरे बेहद स्वादिष्ट आहार है। इसलिए विशेषज्ञों का मानना ​​है कि दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही दिल की बीमारियों की रोकथाम में इसका सेवन प्रभावी हो सकता है।

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