स्वपनदोष क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें?

स्वपनदोष क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें?

युवावस्था में नाईट फॉल होना एक आम बात है  सोने के बाद स्वतः ही वीर्यपात हो जाने को नाईट फॉल के नाम से जाना जाता है। नाईट फॉल खुद में कोई रोग न होकर एक प्राकृतिक क्रिया है। किशोरावस्था से युवावस्था की और बढ़ते हुए नवयुवक अनेक कारणों से नाईट फॉल की समस्या के शिकार हो जाते है। नाईट फॉल से परेशान युवको की यौन रूचि, अश्लील विचार, अश्लील किताबो के पढ़ने से या ऐसी कोई फिल्म देखने से उत्तेजीत हो जाती है, और ऐसे में दिन या रात में सोते समय नाईट फॉल हो जाता है। यौन रोग विशेषज्ञों के मुताबिक़ नाईट फॉल अनेक कारणों से होता है जैसे हस्तमैतुन, मानसिक मैथुन, प्राकृतिक विरुद्ध मैथुन, उष्ण आहार, अश्लील वातावरण और मादक चीज़ो का अधिक सेवन से नाईट फॉल हो जाता है। इसके अतरिक्त कुछ किशोर काम उम्र में अपनी से बड़ी उम्र की महिला की काम वासना करते है और जब उनका काम वासना नहीं पूरी होती है तो नाईट फॉल का शिकार हो जाता है। वेसे तो यह समस्या शादी के बाद ख़त्म हो जाती है लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ है तो डॉक्टर को दिखाने की ज़रूरत है

स्वपनदोष क्या है:-

आपके सोते समय वीर्य का स्त्राव को स्वप्नदोष कहते हैं। चाहे आपका लिंग तना हुआ हो या नहीं, वीर्य आपके लिंग से अपने आप बाहर निकल जाता है। जी हाँ, अपने बिस्तर में पेशाब नहीं किया है, लेकिन आपका वीर्यपात हुआ है! कुछ लड़कों के लिए, स्वप्नदोष उनका पहला वीर्यपात भी हो सकता है। और आपको बिना सेक्स के बारे में सोचे भी स्वप्नदोष हो सकता है। वीर्यपात के बारे में और पढ़ें और किशोरावस्था में आपके शरीर में क्या बदलाव आते हैं।

बीमारी की पहचान कैसे करे और इसके लक्षण क्या है:-

  • एक मानसिक बीमारी है, अतः मन को पवित्र रखें।
  • ठंडे पानी से नहायें
  • रात्रि को गर्म दुध न पियें।
  • रात्रि को सोने से पूर्व अपने पांव घुटनों तक ठंडे पानी से धोकर सोएं।
  • उत्तेजना पैदा करने वाले साहित्य को न पढ़े।
  • सप्ताह में एक बार हस्त मैथुन कर सकते है।
  • सोने से तीन घंटे पहले खाना-पीना आदि कर ले।
  • हमेशा सीधे ही सोने की कोशिश करे।
  • सोते समय कोई अच्छी पुस्तक पढ़ सकते है, जिससे सोते समय केवल अच्छे विचार ही मष्तिष्क में रहें।
  • नियमित त्रिबंध प्राणायाम, योगासन, ब्रह्ममुहूर्त में उठने से लाभ मिलता है।
  • कब्ज होने पर तुरंत इलाज करवाएं।

बीमारी से बचाव के उपाय:-

  • अगर आपको नीट फॉल की समस्या है तो इन घरेलू नुस्खों को अपनाएं और नीट फॉल की परेशानी से छुटकारा पाएं।
  • सोते समय ४ ग्राम मिश्री में कपूर मिलकर कुछ दिन तक खाने से नीट फॉल में लाभ होता है।
  • बनारसी आंवला का मुरब्बा एक ग्राम रोज खाएँ इससे गम्भीर से गम्भीर नीटफॉल की समस्या ठीक हो जाएगी।
  • फलों में जामुन, नींबू, आंवला, टमाटर, पपीता, खरबूजा, कच्चा अमरूद, संतरा, मौसमी, जायफल, नाशपाती को शामिल करें. आम, केला, सेब, खजूर तथा अंगूर खाना चाहिए
  • इमली के बीज को भूनकर बराबर मात्र में शकर सहित रख ले और इस मिश्रण को गाय के दूध के साथ रोजाना पियें इससे नाईट फॉल को रोकने में लाभ होता है।
  • भोजन के बाद पके हुए 2 केले में २-४ बुँदे शहद सहित खाने से नीट फॉल में लाभ होता है। इससे वीर्य के वृद्धि होती है।
  • ३ ग्राम सूखा धनिया, आधा ग्राम छोटी इलायची के बीज और २ गरम मिश्री पीसकर सुबह शाम पानी के साथ खाना नीत फॉल को रोकने में मदद करता है।
  • ताजी नीम कर पत्तो को रोजाना चबाकर खाने से नीट फॉल की समस्या जड़ से गायब हो जाती है।
  • मेथी दाना रात को भिगो दें और सुबह प्रतिदिन खाली पेट उसे खाना चाहिए.
  • लहसुन की ३-४ कलियों को ५ ग्राम शहद के साथ सेवन द्वारा एक ग्लास भैंस का गरम दूध पिए, नीट फेंट नहीं होगा।
  • धूम्रपान और शराब का सेवन कम कर दें या संभव हो तो बिलकुल छोड़ दें।

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