मधुमेह क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें?

मधुमेह क्या है? कैसे होता है? क्या लक्षण हैं? कैसे बचें?

आजकल के इस भागदौड़ भरे युग में अनियमित जीवनशैली के चलते जो बीमारी सर्वाधिक लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है वह है मधुमेह। मधुमेह को धीमी मौत भी कहा जाता है। यह ऐसी बीमारी है जो एक बार किसी के शरीर को पकड़ ले तो उसे फिर जीवन भर छोड़ती नहीं। मधुमेह एक गंभीर बीमारी है। आपकी डायबिटीज ट्रीटमेंट प्लान के बाद चौबीस घंटे की प्रतिबद्धता है। लेकिन आपके प्रयास सार्थक हैं। सावधानीपूर्वक मधुमेह की देखभाल आपके गंभीर – यहां तक कि जीवन-धमकी – जटिलताओं के जोखिम को कम कर सकती है।डायबिटीज देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाने और स्वस्थ भविष्य का आनंद लेने के 10 तरीके यहां दिए गए हैं।इस बीमारी का जो सबसे बुरा पक्ष है वह यह है कि यह शरीर में अन्य कई बीमारियों को भी निमंत्रण देती है। मधुमेह रोगियों को आंखों में दिक्कत, किडनी और लीवर की बीमारी और पैरों में दिक्कत होना आम है। मधुमेह क्या है यहा पर आप को पूरी जानकारी दी जाएगी |

मधुमेह क्या है:-

यह रोग महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में अधिक होता है। मधुमेह एक गंभीर स्थिति है जो सामान्य रक्त शर्करा के स्तर से अधिक होती है। मधुमेह तब होता है जब आपका शरीर अपने स्वयं के इंसुलिन को प्रभावी ढंग से नहीं बना पाता है या नहीं करता है, अग्न्याशय में विशेष कोशिकाओं द्वारा बनाया जाने वाला एक हार्मोन है जिसे आइलेट्स (नेत्र-आज्ञाचक्र) कहा जाता है। इंसुलिन आपके कोशिकाओं को खोलने के लिए एक “कुंजी” के रूप में कार्य करता है, जिससे आप खाने के लिए चीनी (ग्लूकोज) को प्रवेश करने के लिए खाते हैं। फिर, आपका शरीर ऊर्जा के लिए उस ग्लूकोज का उपयोग करता है।

जब हमारे शरीर के पैंक्रियाज में इंसुलिन का पहुंचना कम हो जाता है तो खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है। इंसुलिन एक हार्मोन है जो कि पाचक ग्रंथि द्वारा बनता है। इसका कार्य शरीर के अंदर भोजन को एनर्जी में बदलने का होता है। यही वह हार्मोन होता है जो हमारे शरीर में शुगर की मात्रा को पूरी तरह से कंट्रोल करता है। मधुमेह हो जाने पर शरीर को भोजन से एनर्जी बनाने में काफी कठिनाई होती है। इस स्थिति में ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है।

बीमारी की पहचान कैसे करे और इसके लक्षण क्या है:-

  • ज्यादा प्यास लगना
  • बार-बार पेशाब का आना
  • धुंधली दृष्टि
  • मतली, उल्टी और पेट में दर्द
  • अप्रिय सांस की गंध
  • त्वचा में खुजली
  • कोई भी चोट या जख्म देरी से भरना
  • हाथों, पैरों और गुप्तांगों पर खुजली वाले जख्म
  • बार-बर फोड़े-फुंसियां निकलना
  • चक्कर आना

मधुमेह बीमारी से बचाव के उपाय:-

  • अपने ग्लूकोज स्तर को जांचें और भोजन से पहले यह 100 और भोजन के बाद 125 से ज्यादा है तो सतर्क हो जाएं। हर तीन महीने पर HbA1c टेस्ट कराते रहें ताकि आपके शरीर में शुगर के वास्तविक स्तर का पता चलता रहे। उसी के अनुरूप आप डॉक्टर से परामर्श कर दवाइयां लें।
  • अपनी जीवनशैली में बदलाव करें और शारीरिक श्रम करना शुरू करें। जिम नहीं जाना चाहते हैं तो दिन में तीन से चार किलोमीटर तक जरूर पैदल चलें या फिर योग करें।
  • कम कैलोरी वाला भोजन खाएं। भोजन में मीठे को बिलकुल खत्म कर दें।
  • सब्जियां, ताज़े फल, साबुत अनाज, डेयरी उत्पादों और ओमेगा-3 वसा के स्रोतों को अपने भोजन में शामिल कीजिये। इसके अलावा फाइबर का भी सेवन करना चाहिए।
  • दिन में तीन समय खाने की बजाय उतने ही खाने को छह या सात बार में खाएं। 
  • धूम्रपान और शराब का सेवन कम कर दें या संभव हो तो बिलकुल छोड़ दें।
  • एक बार शुगर बढ़ जाता है तो उसके लेवल को नीचे लाना काफी मुश्किल काम होता है और इस दौरान बढ़ा हुआ शुगर स्तर शरीर के अंगों पर अपना बुरा प्रभाव छोड़ता रहता है।
  • गेहूं और जौ 2-2 किलो की मात्रा में लेकर एक किलो चने के साथ पिसवा लें। इस आटे की बनी चपातियां ही भोजन में खाएं।
  • मधुमेह रोगियों को अपने भोजन में करेला, मेथी, सहजन, पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, ब्रौकोली, टमाटर, बंद गोभी और पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए।
  • फलों में जामुन, नींबू, आंवला, टमाटर, पपीता, खरबूजा, कच्चा अमरूद, संतरा, मौसमी, जायफल, नाशपाती को शामिल करें. आम, केला, सेब, खजूर तथा अंगूर नहीं खाना चाहिए क्योंकि इनमें शुगर ज्यादा होता है.
  • मेथी दाना रात को भिगो दें और सुबह प्रतिदिन खाली पेट उसे खाना चाहिए.
  • खाने में बादाम, लहसुन, प्याज, अंकुरित दालें, अंकुरित छिलके वाला चना, सत्तू और बाजरा आदि शामिल करें तथा आलू, चावल और मक्खन का बहुत कम उपयोग करें.

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